कुरुक्षेत्र अस्पताल रेप केस: महिला आयोग ने LNJP में की जाँच, नर्सिंग स्टाफ को फटकार — PMO पर भी उठे सवाल

Vinod Yadav
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कुरुक्षेत्र अस्पताल रेप केस: महिला आयोग ने LNJP में की जाँच, नर्सिंग स्टाफ को फटकार — PMO पर भी उठे सवाल

क्या आप अपनी बेटी को 15 मिनट के लिए भी किसी कमरे में अकेला छोड़ सकती हैं?

यह सवाल था राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया का अस्पताल की एक नर्स से जो उस वक्त कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात थी। नर्स ने जब हाँ मेरी भी बेटी है कहा  तो भाटिया का अगला सवाल और भी तीखा था।

फिर इस बच्ची को अकेला कैसे छोड़ दिया गया?

रविवार को रेणु भाटिया ने LNJP अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। PMO डॉ. साराह अग्रवाल समेत नर्सिंग स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई और फिर पीड़िता से भी मुलाकात की।

क्या हुआ था 29 मई को?

पास के एक गाँव की 15 साल की लड़की अपने बीमार पिता के साथ अस्पताल आई थी। पिता को भर्ती किया गया। इसी दौरान लड़की ने पेट दर्द की शिकायत की और OPD में जाँच कराई। वहाँ तैनात कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली ने उसे फीमेल वार्ड में भर्ती किया और फिर OPD में ले जाकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।

जब लड़की को खून बहने लगा तब इमरजेंसी में भर्ती किया गया। सीनियर डॉक्टरों को जब उसने सब बताया तब तक डॉ. शैली अस्पताल छोड़कर फरार हो चुका था।

31 मई को POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई। 1 जून को गिरफ्तारी हुई। पकड़े जाने पर आरोपी डॉक्टर के मुँह से बस इतना निकला की मुझसे गलती हो गई।

100 रुपये का सवाल

रेणु भाटिया ने निरीक्षण में एक और अहम सवाल उठाया की आरोपी डॉक्टर ने लड़की को 100 रुपये क्यों दिए और उसके माता-पिता के बारे में पूछताछ क्यों की? उन्होंने कहा की क्या वह लालच दे रहा था?

यह भी सामने आया कि फीमेल वार्ड में भर्ती एक मरीज को लड़की ने पहले ही बता दिया था कि डॉक्टर उसे गलत तरीके से छू रहा है। उस मरीज ने स्टाफ को सूचित भी किया लेकिन 20 मिनट के भीतर ही वारदात हो गई।

भाटिया ने CMO डॉ. सुखबीर सिंह से पूछा कि डॉ. शैली की दोबारा नियुक्ति किसके कहने पर हुई। CMO का जवाब था की 2021-22 में कैथल के किसी PMO ने सिफारिश की थी।

रेणु भाटिया ने साफ कहा की वे DG Health और ACS Health को लिखित रूप से कार्रवाई की सिफारिश करेंगी।

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नमस्कार! मेरा नाम विनोद यादव है और मैंने कृषि और टेक्सटाइल विषय के साथ में बी-टेक किया है। मौजूदा समय में एक जर्मनी बेस्ड टेक्सटिल कंपनी में प्रोडक्शन हेड के तौर पर कार्य कर रहा हूँ और साथ में कृषि के कार्यों को देखता हूँ। किसान परिवार में पैदा होने के चलते कृषि से शुरू से ही एक अलग प्रकार का जुड़ाव रहा है। रोजाना यहां हरियाणा से जुड़ी और हरियाणा प्रदेश के किसानों से जुड़ी ख़बरों को अपडेट करता हूँ।
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