हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला! मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए आ रही स्पेशल किट, कृषि मंत्री ने बताया बंपर पैदावार का फॉर्मूला

Haryana News: हरियाणा सरकार अब प्रदेश में खेती की उत्पादकता बढ़ाने की लड़ाई सीधे खेत की मिट्टी के भीतर से लड़ने जा रही है। अमूमन किसान फसलों की अच्छी पैदावार के लिए महंगे खाद और महंगे बीजों के भरोसे रहते हैं लेकिन राज्य सरकार का मानना है कि आने वाले वक्त में खेती की असली कामयाबी मिट्टी में छिपे ऑर्गेनिक कार्बन (जैविक कार्बन) पर निर्भर करेगी।

​इसी सोच के साथ सरकार ने जमीन की वास्तविक सेहत जानने और खेतों की घटती उपजाऊ क्षमता पर ब्रेक लगाने के लिए प्रदेशभर में आधुनिक ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस किट उपलब्ध कराने का एक बड़ा और नीतिगत फैसला लिया है।

​सोमवार को कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी गई। सरकार इस योजना के तहत कुल 332 मॉडर्न किट खरीदने जा रही है जिस पर करीब 2.5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस अहम बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल सिंह ढांडा और कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार समेत कई आला अफसर मौजूद रहे।

​106 सरकारी लैब में होगी जांच, किसानों का घटेगा खर्च

​कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने साफ किया कि सरकार का मकसद सिर्फ मिट्टी का टेस्ट करना नहीं है बल्कि खेती को टिकाऊ और कम लागत वाला बनाना है ताकि किसान कर्ज के दलदल से बाहर आ सकें।

​”इन नई किटों की मदद से हरियाणा की 106 सरकारी प्रयोगशालाओं (Labs) में किसानों के खेतों से लिए गए मिट्टी के नमूनों की एकदम सटीक जांच की जाएगी। इससे किसान जान सकेंगे कि उनकी जमीन असल में कितनी ताकतवर है।” — श्याम सिंह राणा, कृषि मंत्री

​क्या है 0.5% का वो गणित, जो बदल देगा किसान की किस्मत?

​कृषि मंत्री ने किसानों को समझाते हुए एक बेहद जरूरी वैज्ञानिक गणित भी साझा किया। उन्होंने बताया कि:

  • ​किसी भी खेत में अच्छी फसल के लिए मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा कम से कम 0.5 से 0.75 प्रतिशत होनी चाहिए।
  • ​अगर यह स्तर 1 प्रतिशत या उससे ज्यादा है तो उसे खेती के लिए ‘आदर्श और सबसे बेस्ट’ माना जाता है।
  • ​चिंता की बात यह है कि यदि यह ग्राफ 0.5 प्रतिशत से नीचे गिरता है तो मिट्टी की प्राकृतिक उपजाऊ शक्ति दम तोड़ने लगती है और फिर आप चाहे जितनी महंगी खाद डाल लें, फसलों को पोषण नहीं मिलता।

​कैसे काम करता है ऑर्गेनिक कार्बन? जानिए विशेषज्ञों की राय

​कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक ऑर्गेनिक कार्बन मिट्टी के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। यह खेत की पानी सोखने और नमी बनाए रखने की क्षमता (Water Holding Capacity) को बढ़ाता है जिससे सूखे के हालात में भी फसलें बची रहती हैं।

​इसके अलावा, यह मिट्टी में मौजूद नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश जैसे जरूरी पोषक तत्वों को बांधकर रखता है और उन्हें सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाता है। जब मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन सही मात्रा में होगा तो फसलों की जड़ें मजबूत होंगी और किसानों को बाजार से महंगी रासायनिक खादें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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