करनाल। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा की सियासत में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर घमासान छिड़ गया है। रोहतक से कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर पड़ोसी राज्य पंजाब में जाकर झूठे चुनावी वादे करने का गंभीर आरोप लगाया है। करनाल जिले के निसिंग ब्लॉक में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक जनसभा को संबोधित करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री को सीधी चुनौती दी।
पंजाब में वादे करने वाले पहले हरियाणा में करके दिखाएं
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी हरियाणा में तो अपने चुनावी वादे पूरे नहीं कर पा रहे हैं लेकिन अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर पंजाब में बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। हुड्डा ने कहा:
“मुख्यमंत्री पंजाब के किसानों से वादा कर रहे हैं कि उन्हें धान पर ₹3,100 की MSP दी जाएगी। इसके अलावा वहां बुजुर्गों को ₹6,000 पेंशन, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को ₹3,100 और गरीबों को 100-100 गज के प्लॉट देने की घोषणाएं की जा रही हैं।”
उन्होंने मांग रखी कि अगर मुख्यमंत्री के ये वादे झूठे नहीं हैं तो उन्हें पंजाब चुनाव का इंतजार किए बिना इसी मौजूदा सीजन में हरियाणा के किसानों के लिए धान की ₹3,100 न्यूनतम समर्थन राशि (MSP) लागू करनी चाहिए। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हरियाणा में बीजेपी सरकार के दो सीजन बीत चुके हैं और अब यह तीसरा सीजन आ गया है लेकिन किसानों को कुछ नहीं मिला।
चुनावी राज्यों में जाकर बदल लेते हैं अपनी पहचान
मुख्यमंत्री सैनी के दौरों पर तंज कसते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह पुराना ढर्रा रहा है। जब बिहार में चुनाव थे तो वे खुद को बिहार का बेटा बताने लगे थे। अब पंजाब में चुनाव हैं तो वे वहां डेरा डाले हुए हैं। पंजाब के बाद जब हिमाचल प्रदेश में चुनाव आएंगे तो वे हिमाचली टोपी पहनकर वहां भी पहुंच जाएंगे। दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हरियाणा की जनता की सुध लेने के बजाय सिर्फ चुनावी राज्यों में वोट बटोरने की राजनीति कर रहे हैं।
जल्द खरीद और गिरदावरी की मांग
संबोधन के दौरान दीपेंद्र हुड्डा ने किसानों की मौजूदा समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि धान की सरकारी खरीद को तय समय से पहले यानी 15 सितंबर से ही शुरू किया जाए ताकि मंडियों में किसानों को परेशानी न हो। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर हरियाणा में भारी बारिश से खराब हुई फसलों और दक्षिण हरियाणा में सूखे जैसे हालात के कारण प्रभावित फसलों का तुरंत विशेष गिरदावरी (सर्वे) करवाकर किसानों को उचित मुआवजा देने की वकालत की।
