- सोनीपत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेरहमी से हत्या
- घर में अकेली महिला को लूट के बाद मौत
- दिनदहाड़े वारदात से गांव में दहशत
- जेवर लूटने के लिए सिर-चेहरे पर किए घातक वार
सोनीपत के गांव सलीमसर ट्राली में गुरुवार की दोपहर एक ऐसी घटना घट गई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उषा (55) अपने ही घर में चक्की पर गेहूं पीस रही थीं, तभी कुछ बदमाशों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
धारदार हथियार से सिर और चेहरे पर किए गए वार इतने घातक थे कि उषा की मौके पर ही मौत हो गई। हत्यारों का मकसद साफ था - सोने के जेवरात। उन्होंने बेरहमी से गले से चेन, कानों से बालियां और उंगली से अंगूठी नोच ली।
पति चौपाल पर थे, घर लौटे तो मिली लाश
उषा के पति रामनिवास दिल्ली विकास प्राधिकरण से सेवानिवृत्त हैं। गुरुवार दोपहर को वे गांव की चौपाल में बैठे थे, घर में उनकी पत्नी अकेली थी।
शाम को जब रामनिवास घर लौटे तो पत्नी नहीं दिखी। मोबाइल पर कॉल की लेकिन जवाब नहीं आया। इसी बीच उनका भतीजा साहिल और छोटे भाई की पत्नी भी वहां पहुंच गए।
रामनिवास साहिल को साथ लेकर चक्की वाले पुराने घर की तरफ गए। मुख्य दरवाजा बंद था। जैसे ही दरवाजा खोला, अंदर का मंजर देखकर दोनों के होश उड़ गए।
खून से लथपथ पड़ा था शव
फर्श पर उषा का लहूलुहान शव पड़ा था। चक्की के बगल में खून का तालाब बन गया था। गले से सोने की चेन गायब थी, सिर्फ लॉकेट शव के नीचे पड़ा मिला।
कानों से बालियां इतनी बेरहमी से नोची गई थीं कि एक कान फट गया था। उंगली से सोने की अंगूठी भी गायब थी।
साहिल के मुंह से चीख निकल गई - "बड़े पापा, नाश हो गया।" यह आवाज सुनते ही आसपास के लोग जुटने लगे।
पूरे गांव में सनसनी
हत्या की खबर फैलते ही पूरे गांव सलीमसर ट्राली में सनसनी फैल गई। लोग विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि दिन-दहाड़े इतनी बर्बर वारदात हो सकती है।
उषा के पति रामनिवास पूरी तरह टूट गए हैं। चार साल पहले डीडीए से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हुए रामनिवास खुद को संभाल नहीं पा रहे। उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे।
तीन टीमों ने संभाली जांच
पुलिस ने रामनिवास की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।
शव को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर भेजा गया जहां मेडिकल बोर्ड ने जांच की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या में इस्तेमाल हुआ धारदार हथियार काफी तेज रहा होगा।
किराए के मकान में रहता था परिवार
रामनिवास ने एफआईआर में बताया है कि वह सोनीपत के मयूर विहार में नया घर बनवा रहे हैं। फिलहाल परिवार सोनीपत बाईपास पर किराए के मकान में रहता है।
लेकिन गांव सलीमसर ट्राली में उनका पुराना पैतृक घर है जहां वे अक्सर रहने आते थे। गुरुवार को भी दोनों पति-पत्नी गांव में ठहरे हुए थे।
कई सवाल अनुत्तरित
पुलिस के सामने कई सवाल हैं। बदमाशों को कैसे पता चला कि उषा घर में अकेली हैं? क्या यह पहले से प्लान की गई वारदात थी?
दरवाजा बंद था, तो हत्यारे अंदर कैसे घुसे? क्या उषा उन्हें पहचानती थीं? ये सभी पहलू जांच के दायरे में हैं।
गांव में इस घटना ने दहशत का माहौल बना दिया है। लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। महिलाएं खासतौर पर डरी हुई हैं।
पुलिस टीमें अब गांव में पूछताछ कर रही हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही गुनहगारों का पता चल जाएगा।
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