Israel-US attack Iran LIVE: ईरान में महाप्रलय! खामेनेई की मौत और 7 टॉप कमांडरों का खात्मा, ट्रंप ने किया 'न्यू ईरान' का ऐलान
ईरान में इज़रायली हमलों में सर्वोच्च नेता खामेनेई और 7 सैन्य दिग्गजों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे न्याय बताया, जबकि अबू धाबी एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले से तनाव बढ़ गया है। क्या यह मिडिल ईस्ट में नए युग की शुरुआत है?
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आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद अब देश की कमान अस्थायी तौर पर तीन लोगों के हाथ में है। आईआरएनए (ईरान की ऑफिशियल न्यूज़ एजेंसी) ने खबर दी है कि एक तीन सदस्यीय काउंसिल बनाई गई है, जिसमें शामिल हैं:
देश के प्रेसिडेंट
ज्यूडिशियरी के चीफ (न्यायपालिका के प्रमुख)
गार्जियन काउंसिल से एक ज्यूरिस्ट (इस्लामी कानून के जानकार)
ये लोग मिलकर फिलहाल सुप्रीम लीडर के सारे काम संभालेंगे, ताकि कोई पावर वैक्यूम न बने। ये इंटरिम व्यवस्था है, जब तक असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नया सुप्रीम लीडर चुन नहीं लेती। खामेनेई की मौत यूएस-इज़राइल के हमलों में हुई बताई जा रही है, और अब पूरा इलाका टेंशन में है। क्या होगा आगे? सबकी नज़रें ईरान पर टिकी हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के गलियारों में शनिवार को उस समय भारी तनाव देखा गया जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के साथ तीखी बहस की। मिडिल ईस्ट (Middle East) के बिगड़ते हालातों पर बुलाई गई इस आपातकालीन बैठक (Emergency Meeting) में दुनिया के शक्तिशाली देशों के बीच सीधी तकरार देखने को मिली।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बेहद गंभीर लहजे में चेतावनी दी कि क्षेत्र एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अब भी संयम नहीं बरता गया, तो इसके परिणाम पूरी मानवता और क्षेत्रीय स्थिरता (Regional Stability) के लिए विनाशकारी होंगे।
बैठक के दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर क्षेत्रीय अशांति फैलाने का आरोप लगाया।
वहीं ईरान ने अपनी कार्रवाइयों को आत्मरक्षा (Self-defense) का हिस्सा बताया। गुटेरेस ने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमले (Airstrikes) अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) का उल्लंघन हैं।
दूसरी ओर उन्होंने ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों (Retaliatory attacks) की भी निंदा की।
उन्होंने कहा कि बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संप्रभुता (Sovereignty) और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
मिडिल ईस्ट (Middle East) में चल रही जंग अब उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। ईरान और इजरायल के बीच जारी 'शैडो वॉर' अब सीधे तौर पर सत्ता के शीर्ष केंद्रों को निशाना बनाने लगी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी समाचार एजेंसी 'फाार्स न्यूज' के हवाले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है।
दावा किया जा रहा है कि इजरायल द्वारा किए गए एक ताजा मिसाइल हमले (Airstrikes) में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की बेटी, उनके दामाद और उनके पोते की मौत हो गई है। यह हमला इतना सटीक और घातक (Lethal) था कि खामेनेई के परिवार के सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
खेल की दुनिया में भारत का मान बढ़ाने वाली दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) इस समय एक गंभीर संकट के बीच फंसी हुई हैं।
मिडिल ईस्ट (Middle East) में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच अचानक भड़के युद्ध के कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है, जिसके चलते सिंधु और उनकी टीम वहां फंस गई है।
सिंधु बर्मिंघम में होने वाले प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप (All England Open) में हिस्सा लेने के लिए जा रही थीं। लेकिन युद्ध की स्थिति ने इस सफर के बीच में ही उन्हें रोक दिया।
सिंधु ने वहां से जो अपडेट साझा किए हैं, वे क्षेत्र की भयावह स्थिति को दर्शाते हैं।
पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर वहां के तनावपूर्ण माहौल का जिक्र करते हुए लिखा, "अभी जो कुछ भी हो रहा है, उसे स्वीकार करना मुश्किल है।
ऊपर मिसाइलों को इंटरसेप्ट (interception - हवा में मार गिराना) किए जाने की आवाजें सुनना और स्थिति को इतनी तेजी से बिगड़ते देखना वास्तव में खौफनाक (terrifying) है। कई विचलित करने वाले वीडियो सामने आ रहे हैं और दुखद रूप से यही आज की हकीकत है।"
सिंधु ने आगे बताया कि दुबई जैसा जीवंत शहर जिसे वह बहुत प्यार करती हैं वहां इस तरह का सन्नाटा और डर का माहौल देखना दुखद है।
उन्होंने पुष्टि की कि वह अपनी टीम के साथ सुरक्षित हैं लेकिन एयरपोर्ट पर हजारों यात्री और परिवार फंसे हुए हैं और सभी के चेहरों पर अनिश्चितता (uncertainty) साफ देखी जा सकती है।
Israel-US attack Iran LIVE: मध्य पूर्व (Middle East) से आ रही खबरों ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। सदियों पुराने संघर्ष और तनाव के बीच, आज का दिन इतिहास के पन्नों में सबसे बड़े सैन्य उलटफेर के रूप में दर्ज होने जा रहा है।
इज़रायली वायु सेना (IAF) और अमेरिकी खुफिया तंत्र के एक साझा और सटीक ऑपरेशन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के युग का अंत कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इसकी पुष्टि करते हुए खामेनेई को इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक बताया। यह केवल एक राजनीतिक बयान नहीं था, बल्कि ईरान के भीतर एक बड़े सैन्य तख्तापलट (Military Coup) और सत्ता के बिखरने का संकेत भी था।
इज़रायली एयरफोर्स का 'सर्जिकल स्ट्राइक' और 7 दिग्गजों का अंत
इज़रायली वायु सेना ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उनके लड़ाकू विमानों ने ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर सटीक हमला (Precise Strike) किया। इस हमले में ईरान के रक्षा नेतृत्व (Defense Leadership) के 7 सबसे शक्तिशाली स्तंभों को ढेर कर दिया गया है।
मारे गए अधिकारियों में अली शमखानी, मोहम्मद पाकपुर और अजीज नसीरज़ादेह जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इज़रायल का दावा है कि इन चेहरों के हटने से दुनिया एक सुरक्षित स्थान (Safer Place) बन गई है।
ट्रंप का बड़ा दावा: IRGC में मची भगदड़
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि खामेनेई और उनके साथी अमेरिकी खुफिया और ट्रैकिंग सिस्टम (Tracking Systems) से बच नहीं सके।
उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की मुख्य सेना यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई जवान और पुलिस बल अब लड़ना नहीं चाहते और वे माफी (Immunity) की तलाश में हैं। ट्रंप ने ईरानी जनता को अपना देश वापस पाने का यह "सबसे बड़ा मौका" बताया है।
अबू धाबी एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला: क्या यह जवाबी कार्रवाई है?
इसी तनाव के बीच अबू धाबी के जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Zayed International Airport) पर एक ड्रोन हमले की खबर आई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में एक एशियाई मूल के नागरिक की मौत हुई है और 7 लोग घायल हुए हैं।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला ईरान समर्थक गुटों की ओर से है या नहीं लेकिन अधिकारियों ने जनता को अफवाहों (Rumors) से बचने की सलाह दी है।
विश्लेषण: क्या अब युद्ध विराम होगा या महायुद्ध छिड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की मौत और पूरे रक्षा नेतृत्व का एक साथ खत्म होना ईरान के लिए "अस्तित्व का संकट" (Existential Crisis) है। जहाँ एक ओर अमेरिका इसे शांति (Peace) की ओर बढ़ता कदम बता रहा है वहीं दूसरी ओर लगातार बमबारी जारी रखने की चेतावनी भी दी गई है। यह हमला केवल सैन्य नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक भी है, जो ईरान के पूरे सुरक्षा ढांचे को ध्वस्त (Obliterated) कर चुका है।



