बुधवार, 9 सितंबर 2026

जंतर-मंतर के बाद अब पुणे यूनिवर्सिटी में कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा धमाका, धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग

Written by: Vinod Yadav

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जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 11 जून को पुणे यूनिवर्सिटी में बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पढ़ें पूरी खबर -


जंतर-मंतर के बाद अब पुणे यूनिवर्सिटी में कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा धमाका, धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग
जंतर-मंतर के बाद अब पुणे यूनिवर्सिटी में कॉकरोच जनता पार्टी का बड़ा धमाका, धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग

Breaking News (NFLSpice News): दिल्ली का जंतर-मंतर तो बस एक शुरुआत थी, असली पिक्चर अभी बाकी है। नीट और देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधलियों के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब थमने का नाम नहीं ले रहा है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले शुरू हुआ यह अनोखा आंदोलन अब देश की ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट कहे जाने वाले पुणे शहर की तरफ बढ़ चुका है।

आपको बता दें की CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार को चुनौती दे दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर ऐलान किया है कि आगामी 11 जून (गुरुवार) को शाम 4 बजे महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। मांग सिर्फ एक है की केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा।

“यह लड़ाई सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। हम हर उस जगह जाएंगे जहां छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। पुणे की धरती से देश के कर्णधार अपनी आवाज बुलंद करेंगे।” — अभिजीत दीपके, संस्थापक (CJP)

दरअसल इस आंदोलन को साधारण समझने की भूल कोई नहीं कर रहा। इसके पीछे की वजह है 6 जून को दिल्ली में हुआ पहला प्रदर्शन जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी।

अमेरिका से सीधे भारत लैंड हुए अभिजीत दीपके की अगुवाई में जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और उनके परेशान माता-पिता जुटे थे। इस प्रदर्शन को तब और मजबूती मिली जब मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक खुद छात्रों का हौसला बढ़ाने मंच पर पहुंच गए।

प्रशासन भी इस आंदोलन की गंभीरता को भांप रहा है। दिल्ली में एयरपोर्ट से लेकर प्रदर्शन स्थल तक सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम थे। हालांकि, 5 घंटे से ज्यादा चले उस विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने गांधीवादी तरीका अपनाया। हाथों में फूल और स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर बेहद शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी।

अब देखना यह होगा कि पुणे यूनिवर्सिटी में होने वाले इस पार्ट-2 प्रदर्शन पर शिक्षा मंत्रालय का क्या रुख रहता है क्योंकि छात्र अब झुकने के मूड में बिल्कुल नहीं दिख रहे हैं।

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Vinod Yadav
लेखक के बारे में Vinod Yadav

नमस्कार! मेरा नाम विनोद यादव है और मैंने कृषि और टेक्सटाइल विषय के साथ में बी-टेक किया है। मौजूदा समय में एक जर्मनी बेस्ड टेक्सटिल कंपनी में प्रोडक्शन हेड के तौर पर कार्य कर रहा हूँ और साथ में कृषि के कार्यों को देखता हूँ। किसान परिवार में पैदा होने के चलते कृषि से शुरू से ही एक अलग प्रकार का जुड़ाव रहा है। रोजाना यहां हरियाणा से जुड़ी और हरियाणा प्रदेश के किसानों से जुड़ी ख़बरों को अपडेट करता हूँ। View all posts by Vinod Yadav →

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