गुरुग्राम का कायाकल्प: 'ग्लोबल सिटी' के बाद ही खुलेगा 'विजन सिटी' का रास्ता, जानें सरकार का मास्टरप्लान
हरियाणा सरकार पहले 'ग्लोबल सिटी' प्रोजेक्ट को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसके बाद ही सेक्टर 88 में 'विजन सिटी' का काम शुरू होगा। 1000+ एकड़ में फैली ग्लोबल सिटी गुरुग्राम को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक हब में बदल देगी।
गुरुग्राम। दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर की दुनिया में इस समय हलचल तेज है। हरियाणा सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना के तहत साफ़ कर दिया है कि गुरुग्राम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापारिक केंद्र (International Business Hub) बनाने के लिए सबसे पहले 'ग्लोबल सिटी' (Global City) प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद ही 'विजन सिटी' (Vision City) के निर्माण की ईंट रखी जाएगी।
हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HSIIDC) के इस फैसले ने निवेशकों और घर खरीदारों के बीच चर्चा छेड़ दी है।
माना जा रहा है कि यह रणनीति न केवल प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी, बल्कि बाजार में मांग और आपूर्ति (Demand and Supply) के संतुलन को भी बनाए रखेगी।
ग्लोबल सिटी: सपनों का आधुनिक शहर
लगभग 1002 एकड़ में फैला 'ग्लोबल सिटी' प्रोजेक्ट महज एक रेजिडेंशियल इलाका नहीं, बल्कि दुबई और सिंगापुर की तर्ज पर विकसित होने वाली एक 'मिक्स्ड-यूज टाउनशिप' है।
सेक्टर 36B और 37B के पास विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट के पहले चरण (First Phase) का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
यहां वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर (World-class Infrastructure) जैसे कि चौड़ी सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम और अत्याधुनिक वॉटर बॉडीज बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री स्वयं विदेशी दौरों के माध्यम से बड़े निवेशकों को यहां आमंत्रित कर रहे हैं।
विजन सिटी: कमर्शियल हब का नया पता
सेक्टर 88 में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास 121 एकड़ में प्रस्तावित 'विजन सिटी' पूरी तरह से एक कमर्शियल प्रोजेक्ट (Commercial Project) होगा। इसे खास तौर पर ज्वेलरी, जेमस्टोन और फर्नीचर उद्योग के लिए एक समर्पित क्लस्टर (Dedicated Cluster) के रूप में डिजाइन किया गया है।
हालांकि HSIIDC के अधिकारियों का कहना है कि ग्लोबल सिटी की विशालता और महत्व को देखते हुए अभी विजन सिटी के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।
निवेश के लिए 'सोना' बनेगी जमीन
इन दोनों प्रोजेक्ट्स के केंद्र में 'द्वारका एक्सप्रेसवे' (Dwarka Expressway) है। इस कनेक्टिविटी के कारण आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें आसमान छूने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स से न केवल हजारों नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि दिल्ली-NCR की अर्थव्यवस्था (Economy) को एक नई गति मिलेगी।