रेवाड़ी में नाबालिग से दरिंदगी: 5 साल बाद मिला न्याय, कोर्ट ने दोषियों को दी उम्रकैद की सजा
रेवाड़ी फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने 2019 के नाबालिग अपहरण और रेप केस में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दोषी रोहित को उम्रकैद और पंकज को 20 साल की सजा मिली है। जानिए पूरा मामला और कोर्ट का सख्त आदेश।
रेवाड़ी (हरियाणा): हरियाणा के रेवाड़ी की एक फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (Fast Track Special Court) ने साल 2019 के एक जघन्य अपराध में अपना कड़ा फैसला सुनाते हुए समाज को एक कड़ा संदेश दिया है। 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) के मामले में अदालत ने दो युवकों को दोषी ठहराते हुए उन्हें उम्रकैद और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला न केवल कानून की जीत है, बल्कि उन परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो वर्षों से न्याय (Justice) का इंतजार कर रहे हैं।
रात के सन्नाटे में रची गई थी साजिश
घटना की जड़ें 11 जुलाई 2019 की उस काली रात से जुड़ी हैं, जब पीड़िता के पिता अपनी ड्यूटी पर गए हुए थे। घर के बाहर अचानक एक बाइक का हॉर्न (Horn) सुनाई दिया, जिसे सुनकर जैसे ही नाबालिग बाहर निकली, आरोपी रोहित और पंकज ने उसे डरा-धमकाकर अपनी बाइक पर बैठा लिया।
आरोपी उसे हरी नगर स्थित एक सुनसान खंडहरनुमा मकान में ले गए जहाँ उसके साथ इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने पीड़िता को चुप रहने के लिए जान से मारने की धमकी (Death Threat) भी दी थी।
न्याय की चौखट पर टूटी चुप्पी
अगली सुबह जब पिता घर लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी को बदहवास और रोते हुए पाया। साहस जुटाकर पीड़िता ने पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
रेवाड़ी महिला थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा।
कोर्ट का सख्त रुख और सजा का ऐलान
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता की अदालत ने अभियोजन पक्ष (Prosecution) द्वारा पेश किए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए दोषियों को कड़ी सजा सुनाई:
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मुख्य दोषी रोहित: आजीवन कारावास (Life Imprisonment) और 42,000 रुपये का जुर्माना।
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सह-दोषी पंकज: 20 साल का कठोर कारावास और 22,000 रुपये का जुर्माना।
अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराध समाज की रूह को छलनी करते हैं और दोषियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती।