बदलते मौसम में अपने पशुओं का ध्यान कैसे रखें ताकि दूध में कमी ना आये, देखें

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मौजूदा समय में मौसम बहुत बदल चुका है और वैसे भी पर्यावरण के चलते अब कोई भी मौसम अपने सही समय पर नहीं आता है। वर्षा ऋतू में बारिश अच्छे से नहीं होती तो सर्दियों में भी अब पहले जैसी सर्दी कहां है। ठीक वैसे ही अब गर्मियों में भयंकर गर्मी होने लगी है और वातावरण का तापमान अब डगमगाने लगा है।

ऐसे में इंसान के साथ साथ में पालतू पशुओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दुधारू पधुओं के लिए तो मौसम में बदलाव बहुत ही हानिकारक हो जाता है और कई पशु तो दूध से घट जाते है। ऐसे में जब मौसम में बदलाव आते है तो हम कैसे अपने पशुओं का ख्याल रख सकते है ताकि वे ना तो बीमार पड़ें और नाही उनमे दूध देने की छमता में कमी आये। चलिए इस आर्टिकल में इसके बारे में आपको विस्तार के साथ में बताते है।

डेयरी फार्म के लिए पशु सुरक्षा के उपाय

डेरी का बिज़नेस करने वालों को अपने पशुओं का बहुत खास तरीके से ख्याल रखना होता है क्योंकि उनके बिज़नेस का आधार ही पशुओं से मिलने वाला दूध होता है और ऐसे में बदलते मौसम के कारण यदि आपके पशु बीमार हो जायें तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

डेयरी का बिज़नेस करने वालों को अपने पशुओं को बदलते मौसम की मार से बचाना बहुत जरुरी हो जाता है। इसके लिए आप अपने डेयरी फार्म पर पशुओं के लिए स्वच्छ चारे का प्रबंध करना होता है और उसके साथ साथ में दिन के समय में पशुओं को सर्दी के मौसम में धुप में कुछ घंटे के लिए बांधना भी जरुरी होता है।

जिस स्थान पर पशुओं को बांधा जाता है उस स्थान पर सुखी मिट्टी डालते रहना चाहिए ताकि पुरानी मिट्टी जो गीली हो चुकी होती है उससे पशुओं के बीमार होने के चांस बढ़ जाते है। पशुओं के बाड़े में ताजा हवा आने का प्रबंध भी आपको करना होता है और समय समय पर अपने पशुओं के चिकित्सक से पशुओं की जाँच करवाते रहने में ही आपका फायदा है।

सर्दियों में पशुओं की देखभाल

सर्दियों का मौसम पशुओं के लिए बहुत ही हानिकारक होता है क्योंकि पशु को अगर सर्दी लग रही है तो वो कोई भी प्रतिक्रिया नहीं देता है लेकिन वो बीमार हो जाता है और आपको तब पता चलता है जब पशु दूध नहीं दे रहा होता है। इसलिए पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए उनको कुछ कपड़ा आदि को उनके ऊपर ढंक कर रखा चाहिए।

अक्सर ये देखा जाता है की हम लोग सर्दियों में पशुओं के बाड़े में उन्हें सर्दी से बचाने के लिए अंदर आग आदि जलाकर और धुंआ करके उनको गर्मी पहुंचाने के कार्य करते है लेकिन आपको बता दें की धुंआ पशुओं के लिए बहुत ही हानिकारक होती है। जब इंसान ही धुंआ में साँस नहीं ले सकता तो फिर साधारण सी बात है की पशुओं को भी इसमें दिक़्कत होती है लें में आपको बता नहीं सकते।

पशुओं में आयोडीन की कमी ना होने पाए इसके लिए आपको नमक का एक बड़ा सा टुकड़ा उनके खाने वाले स्थान पर रखना है ताकि पशु अपनी जइब से उसको चाटता रहे और ऐसे पशुं में नाकाम के जरिए आयोडीन की कमी पूरी होती रहेगी। इसके साथ ही पशुओं को हरा चारा अगर आप डाल रहे है तो आपको गेंहूं के सूखे भूसे में हरे चारे को मिलकर पशु को खिलाना चाहिए।

अपने पशुओं को सर्दियों के मौसम में जब बदलाव आता है तो उस समय तेल और आते से बनी हुई लोई को महीने में 2 से 3 बार जरूर खिलाना चाहिए। इससे उनके शरीर में गर्मी आती है और अंदर से वे मजबूत होते है। आपको बता दें की पशुओं को बिमारियों से मुक्त रखने के लिए समय समय पर अपने डॉक्टर से टिका लगवाते रहना चाहिए।

Subham Morya

मैं शुभम मौर्या पिछले 2 सालों से न्यूज़ कंटेंट लेखन कार्य से जुड़ा हुआ हूँ। मैं nflspice.com के साथ में मई 2023 से जुड़ा हुआ हूँ और लगातार अपनी न्यूज़ लेखन का कार्य आप सबसे के लिए कर रहा हूँ। न्यूज़ लेखन एक कला है और सबसे बड़ी बात की न्यूज़ को सही ढंग से समझाना ही सबसे बड़ी कला मानी जाती है और इसी कोशिश में इसको लगातार निखारने का प्रयास कर रहा हूँ।

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