चंडीगढ़: दूसरों की अमूल्य जिंदगी बचाने और सामाजिक सरोकारों को पूरी निष्ठा से निभाने में हरियाणा के निवासियों का पूरे देश में कोई सानी नहीं है। प्रति दस लाख की आबादी के अनुपात में स्वैच्छिक रक्तदान (Voluntary Blood Donation) करने के मामले में हरियाणा ने एक बार फिर नया इतिहास रच दिया है। राज्य ने लगातार तीसरे साल पूरे देश भर में शीर्ष स्थान (पहला स्थान) पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।
इस शानदार उपलब्धि के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय आगामी 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में ‘राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस’ पर हरियाणा को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करेगा।
ई-रक्तकोष पोर्टल और बुनियादी ढांचे का विस्तार
वर्ष 2025-26 के दौरान 8,189 स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के जरिए राज्य में रिकॉर्ड 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्रित किया गया है। चरखी दादरी के नागरिक अस्पताल में नए ब्लड सेंटर के लाइसेंस मिलने के बाद अब प्रदेश के सभी 22 जिलों में सरकारी ब्लड सेंटर उपलब्ध हैं। राज्य में कुल 163 ब्लड सेंटर हैं, जिनमें से 92% सेंटरों पर कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा मौजूद है। स्वैच्छिक रक्तदान की दर बढ़कर 92% हो गई है।
डिजिटल पहल और मुफ्त सेवाएं
स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी बनाने के लिए 89 ब्लड सेंटरों को ‘आभा’ (ABHA) आधारित डोनर रजिस्ट्रेशन सिस्टम से जोड़ा गया है, जबकि रक्त का डिस्कार्ड रेट घटकर 2.69% रह गया है। इसके अलावा, बीपीएल कार्डधारकों, डेंगू मरीजों और थैलेसीमिया व हीमोफीलिया के 2,400 से अधिक पंजीकृत मरीजों को मुफ्त रक्त व दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अन्य महा-अभियानों ने भी युवाओं को इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया है।

