Rupee vs Dollar: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल और तनाव के बीच आज सुबह भारतीय मुद्रा के लिए राहत भरी खबर आई। मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 16 पैसे की मजबूती के साथ 95.03 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार के जानकारों का कहना है कि दुनिया भर में जारी अनिश्चितता के बावजूद भारत के मजबूत आर्थिक आंकड़े रुपये को सहारा दे रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा घरेलू बाजार पर बना हुआ है।
फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक आज सुबह जब विदेशी मुद्रा बाजार खुला तो वैश्विक स्तर पर बने जोखिमों के चलते शुरुआती रुख थोड़ा धीमा जरूर था लेकिन जल्द ही रुपये ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली। हालांकि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव अभी भी पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बनाए हुए है।
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में आज रुपया डॉलर के मुकाबले 95.16 पर खुला था जिसके बाद इसमें सुधार हुआ और यह पिछले बंद स्तर से 16 पैसे चढ़कर 95.03 पर आ गया। इससे पहले बीते सोमवार को रुपये में बड़ी गिरावट देखी गई थी, जब वह 34 पैसे टूटकर 95.19 के स्तर पर बंद हुआ था।
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय निवेशकों और कारोबारियों की नजर घरेलू मोर्चे पर होने वाली दो बेहद महत्वपूर्ण घटनाओं पर टिकी हुई है।
पहली बड़ी घटना आगामी पांच जून को होने वाला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नीतिगत फैसला है, जिसके रुख पर सबकी निगाहें हैं। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच नई दिल्ली में शुरू हो रही व्यापार वार्ता भी काफी अहम मानी जा रही है।
अमेरिकी सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारतीय अधिकारियों के साथ चर्चा करने के लिए भारत पहुंच रहा है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच टैरिफ और आपसी व्यापारिक सहयोग को बढ़ाने पर अहम सहमति बनने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर दिखेगा।
अगर अन्य वैश्विक और घरेलू आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को आंकने वाला डॉलर इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ 99.19 पर कारोबार कर रहा था। वहीं अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी वायदा कारोबार में 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 94.42 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक अच्छा संकेत है।
हालांकि घरेलू शेयर बाजार में आज सुबह थोड़ी सुस्ती रही और सेंसेक्स लगभग 296 अंक गिरकर 73,971 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी करीब 103 अंक टूटकर 23,272 पर कारोबार करता दिखा।
सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार से नेट बेसिस पर 3,911 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे थे।
इन सबके बीच भारत के आंतरिक आर्थिक मोर्चे से बेहद शानदार और राहत देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। देश का औद्योगिक उत्पादन अप्रैल महीने में 4.9 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ा है जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 6.2 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है।
इसके अलावा सोमवार को महालेखा नियंत्रक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने सरकार को बड़ी राहत दी है जिसके मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने अपने राजकोषीय घाटे (फिस्कल डेफिसिट) के लक्ष्य को जीडीपी के 4.4 प्रतिशत पर बनाए रखने में पूरी तरह सफलता हासिल की है जो ठीक बजट अनुमान के बराबर है।
इन मजबूत बुनियादी आर्थिक आंकड़ों ने ही रुपये को वैश्विक दबाव के आगे झुकने से बचा लिया है।
