LPG Supply India Update: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी गंभीर भू-राजनीतिक तनाव और संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश की जनता को एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद पूरे देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू और स्थिर बनी हुई है।
देश के किसी भी कोने या डीलरशिप पर गैस की किल्लत या ड्राई-आउट की कोई रिपोर्ट नहीं है। नई दिल्ली में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार हालात पर काबू पाने और प्रभावी प्रबंधन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
इनमें घरेलू स्तर पर एलपीजी का उत्पादन बढ़ाना, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बुकिंग की अवधि का विस्तार करना और गैस की कालाबाजारी या डायवर्जन को रोकने के लिए ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) को सख्ती से लागू करना शामिल है।
सचिव ने बताया कि सरकार ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के इस्तेमाल को नब्बे प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जागरूकता के चलते यह आंकड़ा पहले ही बानवे प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
इसके साथ ही व्यावसायिक (कमर्शियल) गैस की आपूर्ति को भी सत्तर प्रतिशत तक बहाल कर लिया गया है। पिछले पांच दिनों के आंकड़ों के मुताबिक पांच किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की बिक्री में भी अच्छा उछाल देखा गया है।
तीन अप्रैल से अब तक देश भर में करीब सात हजार जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं जिसके परिणामस्वरूप लगभग एक लाख छोटे सिलेंडरों की रिकॉर्ड बिक्री हुई है, जो आम और कामकाजी वर्ग के लिए बेहद मददगार साबित हो रही है।
खाड़ी में भारतीय जहाजों पर फायरिंग, सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
ब्रीफिंग के दौरान बंदरगाह और नौवहन मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सतानवे हजार मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल लेकर आ रहा भारतीय ध्वज वाला टैंकर देशगरिमा इस महीने की अठारह तारीख को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को पार कर चुका है।
हालांकि पिछले 48 घंटों के भीतर एक चिंताजनक घटना भी सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर फारस की खाड़ी में लौट रहे दो भारतीय जहाजों, वीएलसीसी ‘सनमार हेराल्ड’ और बल्क कैरियर जग अर्णव पर फायरिंग की घटना दर्ज की गई है।
राहत की बात यह है कि इस गोलाबारी में किसी भी चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई है। मंत्रालय लगातार क्रू मेंबर्स के संपर्क में है और स्थिति की पल-पल निगरानी की जा रही है।
इस पूरे वैश्विक घटनाक्रम पर विदेश मंत्रालय भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने कहा कि खाड़ी और पश्चिम एशिया के हालातों पर उनकी पैनी नजर है और सरकार का पूरा ध्यान वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण पर केंद्रित है।
इसके लिए विदेश मंत्रालय का एक समर्पित कंट्रोल रूम लगातार काम कर रहा है, जो भारतीय मिशनों के साथ मिलकर प्रवासियों को समय पर सहायता पहुंचा रहा है।
इसी सिलसिले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने भी कल ही सऊदी अरब का दौरा किया है जहां उन्होंने अपने समकक्ष, ऊर्जा मंत्री और विदेश मंत्री के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों की उच्च स्तरीय समीक्षा की है।
ग्रामीण योजनाओं पर नहीं पड़ेगा वैश्विक मंदी का असर
वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में देश के ग्रामीण इलाकों के विकास और रोजगार को लेकर भी सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला ने देश को आश्वस्त किया है कि देश भर में चल रहे प्रमुख ग्रामीण कल्याण और बुनियादी ढांचा कार्यक्रमों को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई है।
सरकार का प्राथमिक ध्यान इस बात पर है कि वैश्विक उथल-पुथल का असर ग्रामीण रोजगार, समय पर फंड के प्रवाह, आवास निर्माण और ग्रामीण सड़कों पर न पड़े।
उन्होंने साफ किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 प्रस्तावित नए कानून वीबी-जी राम जी एक्ट 2025 के लागू होने तक पूरी तरह से सुचारू रूप से काम करता रहेगा जिससे ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार और मजदूरी में कोई बाधा नहीं आएगी।
