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Chandigarh News: चंडीगढ़ में वीआईपी नंबरों की मची होड़, 0001 को छोड़ 0003 नंबर 37.63 लाख में बिका

Chandigarh News Update: चंडीगढ़ आरएलए की फैंसी नंबर ई-नीलामी में '0003' नंबर 37.63 लाख रुपये में बिका है, जिसने '0001' को भी पीछे छोड़ दिया। पूरी नीलामी से प्रशासन को 4.13 करोड़ की कमाई हुई।

June 2, 2026 • 9:35 AM

Chandigarh News: शौकीनों के शहर चंडीगढ़ में फैंसी और वीआईपी गाड़ी नंबरों का क्रेज एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। गाड़ियों के शौकीन लोग अपनी पसंदीदा नंबर प्लेट के लिए किस हद तक जा सकते हैं इसका ताजा नजारा हाल ही में देखने को मिला।

चंडीगढ़ के रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंसिंग अथॉरिटी (RLA) द्वारा आयोजित फैंसी नंबरों की ई-नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार की ऑनलाइन बोली में एक बेहद हैरान करने वाला उलटफेर देखने को मिला है जहां हमेशा सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाले ‘0001’ नंबर को पछाड़कर 0003 नंबर सबसे महंगा बिका है।

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आमतौर पर लोग 0001 नंबर के लिए सबसे बड़ी रकम दांव पर लगाते हैं, लेकिन इस बार का गणित कुछ अलग रहा। इस ऑनलाइन नीलामी के दौरान 0003 नंबर के लिए रिकॉर्ड 37.63 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाई गई। वहीं दूसरी तरफ हमेशा की तरह चर्चा में रहने वाला 0001 नंबर इस बार थोड़ा पीछे छूट गया और इसके लिए 23.55 लाख रुपये की सफल बोली लगी।

इस पूरी ई-नीलामी प्रक्रिया के दौरान कुल 683 खास और आकर्षक रजिस्ट्रेशन नंबरों की सफल बोली लगाई गई, जिससे चंडीगढ़ प्रशासन के खजाने में कुल 4.13 करोड़ रुपये से अधिक की बंपर कमाई जमा हुई है।

चंडीगढ़ में फैंसी वाहन नंबरों की यह होड़ कोई नई बात नहीं है। यहां लोग अपनी गाड़ियों की मूल कीमत से भी ज्यादा पैसा सिर्फ उसकी नंबर प्लेट हासिल करने में उड़ा देते हैं। परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर होने वाली इस ऑनलाइन नीलामी के इतिहास को देखें तो इसी साल मार्च 2026 में एक बड़ा रिकॉर्ड बना था।

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उस वक्त CH01-DD-0001 नंबर अब तक के सबसे महंगे दाम यानी रिकॉर्ड 53.88 लाख रुपये में बिका था। दिलचस्प बात यह थी कि इस नंबर को जिस फॉर्च्यूनर लेजेंडर गाड़ी पर लगाया जाना था उसकी खुद की बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये थी। यानी गाड़ी से ज्यादा खर्च उसके नंबर पर कर दिया गया।

प्रशासन की इस फैंसी नंबर नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने का तरीका भी काफी व्यवस्थित है। कोई भी वाहन मालिक जो अपनी गाड़ी के लिए खास नंबर चाहता है, उसे सबसे पहले एक हजार रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी होती है।

इसके बाद नंबर की श्रेणी के हिसाब से तय रिजर्व प्राइस का एडवांस भुगतान करना पड़ता है। जैसे 0001 नंबर के लिए न्यूनतम रिजर्व प्राइस पांच लाख रुपये है, जबकि 0002 से 0009 तक के नंबरों के लिए एक लाख रुपये तय हैं।

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अन्य वीआईपी नंबरों के लिए पचास हजार रुपये का एडवांस देकर लोग तीन दिनों तक चलने वाली इस दिलचस्प ऑनलाइन बिडिंग का हिस्सा बनते हैं और अपनी साख के लिए लाखों रुपये की बोलियां लगाते हैं।

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