Earthquake in Bay of Bengal: मंगलवार की सुबह-सुबह बंगाल की खाड़ी में कुदरत की हलचल से धरती कांप उठी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र यानी एनसीएस (NCS) से आ रही आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार सुबह बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में एक मध्यम तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है।
रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है। सुबह-सुबह आए इस भूगर्भीय झटके ने तटीय इलाकों और मौसम वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार भूकंप का यह झटका भारतीय समयानुसार सुबह ठीक सात बजकर तैंतालीस मिनट और सत्रह सेकेंड पर महसूस किया गया। जमीन के भीतर होने वाली इस उथल-पुथल का केंद्र सतह से महज दस किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
वैज्ञानिकों ने अक्षांश और देशांतर के गणितीय पैमाने पर इसकी सही लोकेशन का पता लगाते हुए बताया कि यह भूकंप बंगाल की खाड़ी में 14.027 उत्तरी अक्षांश और 93.132 पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर भी इस पूरी घटना का एक आधिकारिक अपडेट साझा किया है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब बंगाल की खाड़ी के इस शांत समंदर के नीचे जमीन हिली हो।
अगर थोड़ा पीछे मुड़कर देखें, तो इसी साल बीते फरवरी महीने में भी इस इलाके में भूकंप की दस्तक देखी गई थी। ग्यारह फरवरी की सुबह पांच बजकर बारह मिनट पर बंगाल की खाड़ी में 4.3 तीव्रता का एक और मध्यम झटका महसूस किया गया था।
वह भूकंप भी जमीन के अंदर दस किलोमीटर की गहराई पर ही आया था जिसका केंद्र 14.94 उत्तरी अक्षांश और 90.18 पूर्वी देशांतर पर था।
वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो भूकंप का आना धरती की परतों के बीच का एक सामान्य बदलाव है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार भूकंप पृथ्वी की सतह से लेकर उसके नीचे करीब सात सौ किलोमीटर की गहराई तक कहीं भी आ सकते हैं।
विज्ञान की सहूलियत के लिए इस गहराई को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है जिन्हें उथले, मध्यम और गहरे भूकंप के तौर पर जाना जाता है।
शून्य से सत्तर किलोमीटर की गहराई पर आने वाले भूकंपों को उथला माना जाता है जबकि सत्तर से तीन सौ किलोमीटर वाले झटके मध्यम श्रेणी में आते हैं। वहीं तीन सौ से सात सौ किलोमीटर की गहराई वाले भूकंपों को सबसे गहरा माना जाता है।
इस वैज्ञानिक परिभाषा के लिहाज से देखें तो आज सुबह बंगाल की खाड़ी में आया यह भूकंप पूरी तरह से उथली श्रेणी का था क्योंकि इसकी गहराई सिर्फ दस किलोमीटर ही दर्ज की गई है।
