Haryana News: हरियाणा के शहरों को देश के नक्शे पर सबसे साफ-सुथरा और सुंदर बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत चल रही सभी योजनाओं को अब ढिलाई के साथ नहीं बल्कि मिशन मोड में लागू किया जाए।
उनका कहना है कि यदि हरियाणा के शहर स्वच्छता और शहरी प्रबंधन के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, तो वे पूरे देश के लिए एक नजीर बन सकते हैं।
इस अहम राज्य स्तरीय बैठक में हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल समेत विभाग के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इसे एक राष्ट्रीय जनआंदोलन का रूप दिया जा चुका है और अब जमीनी स्तर पर भी इसे पूरी गंभीरता से लागू करने का वक्त आ गया है।
उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि केवल योजनाएं बनाना काफी नहीं है, बल्कि सभी परियोजनाओं की एक स्पष्ट समय-सीमा तय की जानी चाहिए और काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
इस बैठक के दौरान ठोस कचरा प्रबंधन, सीवरेज व्यवस्था, नालों की सफाई, घर-घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाने की व्यवस्था, मल्टीलेवल पार्किंग और बायो-सीएनजी प्लांट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
शौचालयों के लिए चलेगा विशेष अभियान
शहरी इलाकों में स्वच्छता को और मजबूत करने के लिए सरकार ने एक बड़ी समय-सीमा तय की है। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों में निजी, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का एक व्यापक सर्वेक्षण आगामी 30 जून तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
मकसद साफ है कि राज्य का कोई भी घर, बाजार, पार्क या सार्वजनिक स्थल इस बुनियादी सुविधा से अछूता न रहे। काम की निष्पक्षता के लिए जरूरत पड़ने पर थर्ड पार्टी सर्वे भी कराया जा सकता है।
इसके साथ ही पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सहूलियत के लिए आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाले शौचालयों का निर्माण करने की बात कही गई है।
सीवरेज नेटवर्क और बायो-सीएनजी प्लांट का होगा विस्तार
शहरी विकास को एक नया आयाम देने के लिए सरकार का ध्यान सीवरेज नेटवर्क को दुरुस्त करने पर भी है। बैठक में तय हुआ कि राज्य के सभी कस्बों में चरणबद्ध तरीके से सीवरेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों के निर्माण के साथ-साथ साफ किए गए पानी के दोबारा इस्तेमाल पर विशेष फोकस रहेगा।
कचरे से कंचन बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए मनोहर लाल ने बताया कि प्रदेश में सात अलग-अलग जगहों पर बायो-सीएनजी प्लांट लगाए जाएंगे।
यमुनानगर में इस पर काम शुरू भी हो चुका है, जबकि फरीदाबाद और रोहतक जैसे बड़े शहरों में जल्द ही इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
अधिकारियों को बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर नियमित सफाई अभियान चलाने और बाजार बंद होने के वक्त कचरा उठाने के लिए विशेष गाड़ियां तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सड़कों पर गंदगी न फैले।
इस अवसर पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने भरोसा दिलाया कि केंद्रीय मंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा ताकि स्वच्छता रैंकिंग में हरियाणा एक बार फिर देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना सके।
