Rewari AIIMS Update: हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था को जल्द ही एक नई और आधुनिक दिशा मिलने वाली है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने एक अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेवाड़ी में बन रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स (AIIMS) प्रदेश के चिकित्सा ऊंचे मानदंडों को एक नई मजबूती देगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी जुलाई महीने तक यहाँ ओपीडी (OPD) सेवाओं की शुरुआत कर दी जाएगी।
इसके साथ ही केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस नए एम्स संस्थान में 50 एमबीबीएस सीटों को भी अपनी हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद इसी साल से यहाँ शैक्षणिक गतिविधियां और दाखिले की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ सकेगी।
रेवाड़ी एम्स का चालू होना पूरे दक्षिण हरियाणा और उसके आस-पास के इलाकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। स्वास्थ्य मंत्री का मानना है कि इस बड़े संस्थान के धरातल पर उतरने से स्थानीय लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब दिल्ली या अन्य बड़े महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
आधुनिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं अब उनके अपने इलाके में ही सुलभ होंगी। इसके साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी पढ़ाई और रिसर्च के शानदार अवसर पैदा होंगे।
अस्पतालों में लगेंगे सोलर प्लांट
बदलते दौर की जरूरतों को देखते हुए सूबे के सरकारी अस्पतालों को अब आत्मनिर्भर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की भी तैयारी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन एनर्जी विजन को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार राज्य के सभी सिविल अस्पतालों में सोलर प्लांट लगाने की बड़ी योजना पर काम कर रही है।
इन सोलर प्लांटों के चालू होने के बाद अस्पताल अपनी जरूरत की बिजली का उत्पादन खुद कर सकेंगे। इससे न केवल सरकारी खजाने पर बिजली के बिल का बोझ कम होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वातावरण की दिशा में भी एक बड़ा और सकारात्मक संदेश जाएगा।
मेडिकल शिक्षा का ढांचा होगा मजबूत
प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान इस समय स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे और मेडिकल शिक्षा दोनों को एक साथ मजबूत करने पर है। इसी रणनीति के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
आरती सिंह राव ने बताया कि जींद में बन रहा नया मेडिकल कॉलेज अब लगभग पूरी तरह बनकर तैयार है और उम्मीद है कि इसी साल इसका हैंडओवर मिल जाएगा।
इसके तुरंत बाद नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से जरूरी औपचारिकताएं और मंजूरियां लेकर सीटों का निर्धारण किया जाएगा और दाखिले शुरू कर दिए जाएंगे।
जींद के अलावा करनाल जिले के कुटेल में बन रहा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भी अपने अंतिम चरण में है। वहीं यमुनानगर, कैथल और सिरसा जैसे जिलों में भी निर्माण कार्य काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने पूरा भरोसा जताया है कि जींद और कुटेल के संस्थानों का हैंडओवर इसी साल मिल जाएगा। इन तमाम प्रयासों का असली मकसद राज्य के हर कोने तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
सरकार को उम्मीद है कि रेवाड़ी एम्स और इन नए मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने के बाद हरियाणा आने वाले समय में देश के भीतर चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक रोल मॉडल बनकर उभरेगा।




