Philippines Earthquake: 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप ने छीनी 32 जानें, पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
Philippines Earthquake: कुदरत के एक भयानक कहर ने सोमवार सुबह फिलीपींस के मिंडानाओ प्रांत को हिलाकर रख दिया। दक्षिणी फिलीपींस के सारंगनी प्रांत में आए 7.8 तीव्रता के बेहद शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 32 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 134 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश अभी भी जारी है जिससे मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
इस भीषण त्रासदी पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के नाम एक बेहद संवेदनशील संदेश साझा किया।
“फिलीपींस के मिंडानाओ में आज आए भूकंप के कारण बहुमूल्य जानों के नुकसान और हुई तबाही से गहरा दुख हुआ है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना। भारत इस मुश्किल घड़ी में फिलीपींस के लोगों और वहां की सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
स्कूल खुलते ही डोली धरती, मलबे का ढेर बने शहर
यह भूकंप उस वक्त आया जब फिलीपींस में गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल दोबारा खुल ही रहे थे। कई स्कूलों के सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं जिसमें पूरी इमारतें हिचकोले खाती नजर आ रही हैं।
भूकंप आते ही क्लासरूम में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों और मासूम बच्चों ने बेंचों के नीचे छिपकर जैसे-जैसे अपनी जान बचाई। देश के शिक्षा विभाग ने तुरंत हरकत में आते हुए प्रभावित इलाकों के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है जिससे 5,800 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं।
फिलीपींस के नागरिक उड्डयन और नागरिक सुरक्षा कार्यालय (OCD) के प्रवक्ता जूनी कैस्टिलो के मुताबिक, सबसे ज्यादा तबाही जनरल सैंटोस शहर में हुई है जो करीब 7 लाख की आबादी वाला एक प्रमुख पोर्ट सिटी है।
यहां कई बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और पहाड़ों पर हुए भूस्खलन (landslides) ने कई घरों को जमींदोज कर दिया।
सुनामी का अलर्ट और थम गईं हवाई उड़ानें
भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत महासागर के कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिससे तटीय इलाकों में भगदड़ मच गई। हालांकि बाद में खतरे को टलते देख इस अलर्ट को वापस ले लिया गया।
आपदा की गंभीरता को देखते हुए जनरल सैंटोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नागरिक उड़ानों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। 17 घरेलू उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं और अब इस एयरपोर्ट को केवल मिलिट्री, सरकारी और राहत-बचाव (Humanitarian Flights) के लिए ही खोला गया है। फिलहाल पूरा देश मलबे से जिंदगियां तलाशने की जंग लड़ रहा है।



