Haryana News: एक 19 साल की बेटी दुनिया से चली जाती है। घर का आंगन सूना हो जाता है और बूढ़ी आंखें इंसाफ की आस में धुंधलाने लगती हैं। लेकिन जब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI भी महीनों तक खामोश बैठ जाए तो पीड़ित परिवार का भरोसा टूटने लगता है।
हरियाणा के भिवानी जिले के ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली मनीषा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक बार फिर गरमा गया है।
इस मामले में पंचकूला स्थित विशेष CBI न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच एजेंसी को जमकर फटकार लगाई है और आगामी 9 जून तक केस की प्रोग्रेस (स्टेटस) रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करने का हुक्म दिया है।
अदालत का यह आदेश उस वक्त आया है जब मृतका मनीषा के परिजन संजय कुमार ने न्याय की उम्मीद में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने एक याचिका दायर कर CBI की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
”हमें अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है?” – बिलखते परिवार का तीखा सवाल
संजय कुमार की इस याचिका ने जांच एजेंसी की पूरी कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। याचिका में दर्द भी है और व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा भी।
परिजनों का कहना है कि मामला CBI को सौंपे जाने के बाद भी उन्हें आज तक यह नहीं पता कि जांच किस दिशा में बढ़ रही है।
- क्या किसी आरोपी की पहचान हो पाई है?
- फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ताजा स्थिति क्या है?
- आखिर इस जांच को मुकाम तक पहुंचने में और कितना वक्त लगेगा?
हैरानी की बात यह है कि इसी साल 10 मार्च 2026 को मनीषा के परिवार ने खुद CBI निदेशक (Director) को पत्र लिखकर जांच में ढिलाई बरतने और मामले में कमजोर धाराएं लगाने के आरोप लगाए थे। लेकिन उस शिकायती पत्र पर भी जांच एजेंसी ने परिवार को कोई जवाब देना मुनासिब नहीं समझा।
अब सड़कों पर उतरेगा समाज: 7 जून को महापंचायत का ऐलान
इधर कोर्ट ने CBI को घेरा, तो उधर समाज का गुस्सा भी सड़कों पर फूटने के लिए तैयार है। पंचकूला में बैरागी समाज की एक हाई-लेवल प्रदेश स्तरीय बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया।
”अगर देश की सबसे बड़ी एजेंसी भी हमें इंसाफ नहीं दे सकती, तो हमारे पास आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं बचता।”
— शिव पवार, प्रदेश प्रधान (बैरागी समाज)
बैरागी समाज के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार ने साफ किया कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।
आगामी 7 जून को मनीषा के पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण में तमाम सामाजिक संगठनों, स्थानीय नेताओं और खाप प्रतिनिधियों की एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है।
इस महापंचायत में जो भी फैसला होगा उसी के आधार पर पूरे हरियाणा में एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।




