Rewari News: रेवाड़ी जिले के औद्योगिक कस्बे धारूहेड़ा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां सेक्टर-7 स्थित ओकास सोसायटी के निवासियों का सब्र आखिरकार टूट गया। बरसों से बुनियादी सुख-सुविधाओं की आस लगाए बैठे लोगों ने रविवार की सुबह बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
सोसायटी परिसर में रहने वाले परिवारों और आरडब्ल्यूए (RWA) के पदाधिकारियों ने इकट्ठा होकर बिल्डर की वादाखिलाफी और लापरवाही के विरोध में जमकर नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की आवाज उठाई।
अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर घर खरीदने वाले इन लोगों का दर्द बेहद गहरा है। सोसायटी के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार ने स्थानीय हालात बयां करते हुए बताया कि यहाँ न तो सड़कें चलने लायक बची हैं और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम हैं।
सोसायटी के भीतर बनी सड़कों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं।
इन गड्ढों की वजह से यहाँ आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं जिनमें खासकर बच्चों और बुजुर्गों के चोटिल होने का डर हमेशा बना रहता है।
एक तरफ जहां सुविधाएं लगातार दम तोड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ निवासियों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा आए दिन मेंटेनेंस शुल्क में बढ़ोतरी कर दी जाती है।
जेब पर बढ़ते इस अतिरिक्त बोझ के बदले में लोगों को सहूलियत के नाम पर कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है।
समस्याओं को सुलझाने की दिशा में निवासियों ने प्रशासनिक और कानूनी रास्ता भी अपनाया था।
इस सिलसिले में बीती 20 मई को पारडोस अफोर्डेबल हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को एक लिखित शिकायत पत्र भी भेजा गया था। इस पत्र के जरिए बिल्डर प्रबंधन को सोसायटी की तमाम बदहाली से रूबरू कराते हुए 30 मई तक का वक्त दिया गया था।
निराशाजनक बात यह रही कि दी गई समयसीमा बीत जाने के बाद भी प्रबंधन की तरफ से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया और निवासियों की शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
प्रबंधन के इस अड़ियल और उदासीन रवैये को देखते हुए अब आंदोलनकारी लोगों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
रविवार को प्रदर्शन में शामिल लोगों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनकी जायज मांगों और मूलभूत समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में सोसायटी के लोग अनिश्चितकालीन आंदोलन की राह पर चलने को मजबूर हो जाएंगे।




