नागपुर धमाका: एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में मौत का तांडव, 17 जिंदगियां राख; PM और CM ने किया मुआवजे का ऐलान
नागपुर की SBL एनर्जी लिमिटेड फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में 17 लोगों की मौत हो गई और 18 घायल हैं। PM मोदी और CM फडणवीस ने आर्थिक मदद का ऐलान किया है। NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं।
नागपुर (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। रविवार का दिन काटोल तहसील के राउलगाँव (Raulgaon) स्थित 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' (SBL Energy Limited) फैक्ट्री के कर्मचारियों के लिए काल बनकर आया।
इंडस्ट्रियल और माइनिंग एक्सप्लोसिव बनाने वाली इस यूनिट में हुए भीषण विस्फोट (Blast) ने देखते ही देखते 17 मजदूरों की जान ले ली जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनी गई और फैक्ट्री का एक हिस्सा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
मलबे में दबी उम्मीदें, चीखों से गूंजा राउलगाँव
हादसा उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री में रोजाना की तरह काम चल रहा था। अचानक हुए ब्लास्ट (Explosion) ने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया। स्थानीय प्रशासन और नागपुर ग्रामीण पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) हर्ष पोद्दार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) और घायलों को अस्पताल पहुंचाना है। घटनास्थल पर मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी तैनात की गई है।
सत्ता के गलियारों में शोक: PM और CM ने जताया दुख
इस त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। PMO की ओर से जारी बयान में मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की गई है।
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को "अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (Financial Assistance) देने का ऐलान किया है।
इसके अलावा, संबंधित कंपनी भी पीड़ित परिवारों को मुआवजा प्रदान करेगी।
जांच के घेरे में सुरक्षा मानक
धमाका कैसे हुआ, इसका सटीक कारण (Exact Cause) अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि, PESO (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन) और DISH (इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ निदेशालय) की टीमें जांच के लिए पहुंच चुकी हैं।
क्या सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की अनदेखी की गई थी या यह एक तकनीकी खराबी थी? यह जांच का मुख्य विषय है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।



