काबुल के आसमान में गूंजी धमाकों की गूंज, तालिबान ने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों पर दागीं मिसाइलें; युद्ध की कगार पर दोनों देश!
काबुल में तालिबान और पाकिस्तान के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत शुरू हो गई है। तालिबान ने दावा किया है कि उन्होंने काबुल की हवाई सीमा में घुसे पाक जेट्स पर हमला किया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
काबुल/इस्लामाबाद: दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्कों अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ (Critical Point) पर पहुंच गया है। रविवार की सुबह अफगान राजधानी काबुल धमाकों और भारी गोलीबारी की आवाज से दहल उठी।
तालिबान प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने काबुल के ऊपर उड़ान भर रहे पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों (Fighter Jets) को निशाना बनाकर फायरिंग की है।
आधी रात के बाद दहली राजधानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सूर्योदय से पहले काबुल के अलग-अलग हिस्सों में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई जिसके तुरंत बाद ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग शुरू हो गई।
तालिबान के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "घबराने की जरूरत नहीं है, अफगान सेना ने अपनी हवाई सीमा का उल्लंघन करने वाले पाकिस्तानी विमानों को खदेड़ने के लिए जवाबी कार्रवाई (Retaliatory Action) की है।"
क्या है इस 'ओपन वॉर' की वजह?
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन पर 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) के आतंकियों को पनाह दे रहा है। इसी के जवाब में पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' (Wrath for the Truth) शुरू किया है।
वहीं तालिबान इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी संप्रभुता (Sovereignty) पर हमला बता रहा है। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने चेतावनी दी है कि यदि पूर्ण युद्ध छिड़ा तो यह पाकिस्तान के लिए बहुत महंगा साबित होगा।
EEAT विशेष विश्लेषण: क्यों बढ़ रहा है खतरा?
यह संघर्ष ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया की नजरें ईरान पर हो रहे इजरायली और अमेरिकी हमलों पर टिकी हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा (Durand Line) दशकों से विवाद का केंद्र रही है।
यदि यह झड़प बड़े युद्ध में तब्दील होती है तो इसका असर सीधे तौर पर भारत और चीन जैसे पड़ोसी देशों की सुरक्षा पर भी पड़ेगा।
सऊदी अरब और कतर जैसे देश अब मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाने के लिए आगे आए हैं ताकि क्षेत्र को एक और विनाशकारी युद्ध से बचाया जा सके।



