NPS की छुट्टी? सरकार का बड़ा दांव: 1 अप्रैल से लागू होगी 'गारंटीड' पेंशन योजना, जानें आपको क्या मिलेगा
केरल सरकार 1 अप्रैल 2026 से 'डिफाइंड पेंशन स्कीम' लागू करने जा रही है। इसमें कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50% पेंशन गारंटी के साथ मिलेगा। साथ ही PFRDA ने NPS विड्रॉल और उम्र सीमा (85 वर्ष) में बड़े बदलाव किए हैं। जानें पूरी डिटेल।
तिरुवनंतपुरम: सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन (Pension) का मुद्दा हमेशा से भावुक और राजनीतिक रहा है। इस दिशा में केरल की पिनाराई विजयन सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के विकल्प के तौर पर 'डिफाइंड पेंशन स्कीम' (Defined Pension Scheme) को हरी झंडी दे दी है।
शनिवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह योजना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
यह फैसला केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि उन लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है जो शेयर बाजार की अनिश्चितताओं वाली NPS से इतर एक सुरक्षित भविष्य (Secure Future) की तलाश में थे।
वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने स्पष्ट किया कि नई योजना में कर्मचारियों को उनकी अंतिम बेसिक सैलरी का 50% तक पेंशन के रूप में मिलने की गारंटी होगी।
पुरानी और नई व्यवस्था का संगम: क्या हैं विकल्प?
राज्य सरकार ने कर्मचारियों को लचीलापन (Flexibility) देने की कोशिश की है। 1 अप्रैल 2026 के बाद सेवा में आने वाले नए कर्मचारी यह चुन सकेंगे कि उन्हें नई 'डिफाइंड स्कीम' में जाना है या NPS के साथ बने रहना है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो कर्मचारी वर्तमान में NPS का हिस्सा हैं, उन्हें भी इस नई सुरक्षित योजना में स्विच (Switch) करने का मौका दिया जाएगा।
पेंशन का गणित: 30 साल की सेवा और 50% राशि
नई योजना के तहत अधिकतम पेंशन का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को 30 वर्ष की क्वालीफाइंग सर्विस (Qualifying Service) पूरी करनी होगी। रिटायरमेंट के समय मिलने वाले मूल वेतन (Basic Salary) के आधार पर ही पेंशन तय की जाएगी।
इसके अलावा, महंगाई के असर को कम करने के लिए पेंशनर्स को समय-समय पर महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) का लाभ भी दिया जाएगा।
PFRDA के नए नियम: 85 की उम्र तक निवेश का मौका
एक तरफ केरल सरकार अपना नया मॉडल ला रही है, वहीं दूसरी तरफ पेंशन नियामक PFRDA ने भी NPS के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब निवेशक 75 की बजाय 85 वर्ष की आयु तक NPS में बने रह सकते हैं। साथ ही, विड्रॉल (Withdrawal) के नियमों को भी आसान बनाया गया है।
अब 8 लाख रुपये तक का फंड होने पर सरकारी कर्मचारी पूरी राशि एक बार में निकाल सकेंगे, जो पहले मुमकिन नहीं था।



