रेवाड़ी: अमृतसर/नई दिल्ली, 26 सितंबर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते पंजाब में हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप भेजने की पाकिस्तानी तस्करों की एक और नापाक साजिश नाकाम हो गई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पंजाब पुलिस ने एक साझा खुफिया ऑपरेशन चलाकर तरनतारन जिले के सीमावर्ती इलाके से विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद किया है।
पीली टेप में लिपटा मिला संदिग्ध पैकेट
सुरक्षा बलों को यह कामयाबी बीती देर रात गश्त के दौरान सीमावर्ती गांव दोदे के खेतों से मिली। थाना खालड़ा के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) सुखविंदर सिंह की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बीएसएफ की 115वीं बटालियन के सब-इस्पेक्टर कृपा शंकर और मोहन लाल की टीम भारत-पाक सीमा पर स्थित खालड़ा बैरियर के पास नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान रात के अंधेरे में जवानों को गांव दोदे के पास एक कृषि खेत में पीले रंग की एडहेसिव टेप से लिपटा हुआ एक लावारिस पैकेट दिखाई दिया।
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चीन निर्मित पिस्तौल और जिंदा कारतूस जब्त
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जब पैकेट को खोला गया, तो अधिकारी चौंक गए। जांच टीम को उस संदिग्ध पार्सल के भीतर से 30 बोर की एक चाइना-मेड (चीन निर्मित) पिस्तौल, एक खाली मैगजीन और 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद बरामद असलहा और गोला-बारूद को तुरंत स्थानीय खालड़ा पुलिस थाना के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने अज्ञात राष्ट्रविरोधी तत्वों और तस्करों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत एफआईआर नंबर 262 दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
ड्रोन डिलीवरी का गहराया अंदेशा
सुरक्षा बलों की प्राथमिक जांच में यह अंदेशा जताया गया है कि इस विदेशी पिस्तौल की डिलीवरी पाकिस्तान में बैठे तस्कर आकाओं द्वारा किसी भारतीय स्थानीय तस्कर या स्लीपर सेल के लिए की गई थी। जिस तरह से पैकेट को पीली वाटरप्रूफ टेप से लपेटा गया था, वह पूरी तरह से सीमा पार से होने वाली ड्रोन स्मगलिंग (Drone Delivery) के पैटर्न से मेल खाता है। हाल के दिनों में तरनतारन, अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में चीनी क्वाडकॉप्टर ड्रोन की आवाजाही काफी बढ़ी है, जिसे रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां 'हवाई नाके' लगा रही हैं।
हथियार मिलने के बाद सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा ग्रिड और खुफिया नेटवर्क को और अधिक सतर्क कर दिया गया है। पंजाब पुलिस की खुफिया शाखा (Intelligence Wing) और बीएसएफ की टीमें अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि सीमा के इस पार इस खेप को किस तस्कर ने कलेक्ट करना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध मोबाइल सिग्नल्स और टावर डंप डेटा की मदद से स्थानीय तस्करों के संपर्कों को खंगाला जा रहा है और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े चेहरों को बेनकाब कर दिया जाएगा।
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