रेवाड़ी: Bihar Breaking News: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बार फिर नाबालिग लड़की के साथ अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यह जिले से कुछ दिनों में सामने आया तीसरा ऐसा वीडियो बताया जा रहा है।
वीडियो में कुछ लोग एक किशोरी को घेरकर खड़े दिख रहे हैं। लड़की हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगती नजर आती है। वह बार-बार कहती है कि छोड़ दीजिए भैया। उसके बावजूद उसके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप है। कुछ रिपोर्टों में दुपट्टा खींचने और थप्पड़ मारने के दृश्य भी बताए जा रहे हैं।
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दवा है कि कल्याणपुर इलाके की है घटना
इस नए वीडियो को समस्तीपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस अभी इसकी सत्यता और सही जगह की पुष्टि कर रही है। साइबर सेल और तकनीकी टीम वीडियो के स्रोत और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान करने में लगी है।
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इससे पहले कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव से एक वीडियो वायरल हुआ था। उसमें भी नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी का आरोप था। पुलिस ने उस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। नाम राहुल कुमार, अवधेश पासवान, विकास कुमार और रामबाबू साहनी बताए गए। घटना करीब एक हफ्ते पहले की बताई गई थी।
जमुई कांड के बाद सिलसिला शुरू
ये घटनाएं जमुई में नाबालिगों के साथ हुए कथित उत्पीड़न के वीडियो के बाद आई हैं। जमुई वाले मामले ने पूरे राज्य में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। समस्तीपुर के वीडियो आने के बाद विपक्ष ने फिर सरकार को घेरा।
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विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने इसे मॉरल पुलिसिंग के नाम पर अराजकता करार दिया। भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह के पहले वाले बयान का हवाला देकर भी हमला बोला गया। उस बयान में उन्होंने मॉरल पुलिसिंग को डिसेंट तरीके से करने की बात कही थी, जिसे बाद में उन्होंने संदर्भ से बाहर बताया था।
इस्तीफे की मांग भी उठी
विपक्ष ने गृह विभाग संभाल रहे नेताओं से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही तो सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार नहीं। कुछ नेताओं ने सम्राट चौधरी से इस्तीफे की बात कही।
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पुलिस का कहना है कि वीडियो में दिख रहे चेहरों को चिन्हित कर पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दावा किया कि सोशल मीडिया पेट्रोलिंग के जरिए ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है।
कानून हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं
कानून के जानकारों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति या भीड़ खुद कानून नहीं बना सकता। मॉरल पुलिसिंग के नाम पर नाबालिगों के साथ बर्बरता किसी भी लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं। जब तक सख्त और त्वरित कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे मामले दोहराते रहेंगे।
पुलिस जांच जारी है। वीडियो शेयर करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पूरा मामला संवेदनशील है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी।







