धर्मशाला/कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन, आर्थिकी और अंतर-जिला कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाले राज्य के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक 'शिमला-मटौर फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग' (Shimla-Mataur Fourlane Highway) को लेकर एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस सामरिक राजमार्ग के कांगड़ा-हमीरपुर हिस्से के निर्माण कार्य को लगभग अंतिम रूप दे दिया है।

विभाग आगामी अक्टूबर 2026 के पहले पखवाड़े (शुरुआती 15 दिनों) के भीतर इस बेहद महत्वपूर्ण रूट को आम जनता और यातायात के लिए समर्पित करने की अंतिम तैयारियों में जुट गया है। इस महत्वपूर्ण खंड के चालू हो जाने से न केवल कांगड़ा और हमीरपुर जिलों के बीच की दूरी सिमट जाएगी, बल्कि राजधानी शिमला तक आने-जाने वाले हजारों वाहन चालकों, पर्यटकों और स्थानीय जनता का सफर बेहद सुगम, सुरक्षित और समय बचाने वाला साबित होगा।

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कच्छियारी से हमीरपुर बाईपास तक 62 किलोमीटर रूट तैयार

एनएचएआई के प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस विशाल राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए इसे अलग-अलग निर्माण पैकेजों (Construction Packages) में विभाजित किया गया था। वर्तमान में, परियोजना के अंतर्गत आने वाले चौथे और पांचवें पैकेज का अधिकांश सिविल कंस्ट्रक्शन का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। यह हिस्सा कांगड़ा जिले के कच्छियारी से शुरू होकर हमीरपुर बाईपास तक जाता है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 62 किलोमीटर है।

कांगड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस रूट के प्रमुख हिस्सों में ज्वालामुखी से लेकर कांगड़ा बाईपास और कच्छियारी-भंगवार जैसे सबसे संवेदनशील और व्यस्ततम सेक्शन्स शामिल हैं, जहां अब सड़कों की ब्लैकटॉपिंग (लुक-कोलतार) और मार्किंग का अंतिम फिनिशिंग टच दिया जा रहा है।

शिमला का सफर 8 घंटे से घटकर महज 5 घंटे रह जाएगा

इस नई फोरलेन सड़क के पूरी तरह से क्रियाशील (ऑपरेशनल) हो जाने के बाद हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक दूरियों में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। वर्तमान समय में कांगड़ा या पर्यटन नगरी धर्मशाला से राजधानी शिमला पहुंचने के लिए छोटे-बड़े वाहनों को पुराने और संकरे घुमावदार रास्तों से होकर करीब 8 घंटे का एक लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ता है।

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लेकिन यह चमचमाता नया फोरलेन हाईवे चालू होते ही यह यात्रा समय सीधे तौर पर 3 घंटे कम हो जाएगा, यानी अब लोग मात्र 5 घंटे में कांगड़ा से शिमला का सफर आसानी से पूरा कर सकेंगे। इसके अलावा, कच्छियारी से शिमला के बीच की कुल दूरी भी अत्याधुनिक एलाइनमेंट और पहाड़ियों की कटाई के कारण 28 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे यह दूरी 223 किलोमीटर से घटकर केवल 195 किलोमीटर रह जाएगी।

कांगड़ा से हमीरपुर की कनेक्टिविटी भी होगी बेहद तेज

इस 62 किलोमीटर लंबे रूट का सबसे बड़ा तात्कालिक लाभ कांगड़ा और हमीरपुर जिलों के बीच होने वाले दैनिक व्यापारिक और प्रशासनिक यातायात को मिलेगा। नए हाईवे के चालू होने से कांगड़ा से हमीरपुर के बीच लगने वाला 2 घंटे का यात्रा समय घटकर मात्र सवा घंटा (1 घंटा 15 मिनट) रह जाएगा।

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इस पूरे रूट को इंजीनियरिंग के बेहतरीन मानकों के साथ तैयार किया गया है, जिसके प्रमुख आकर्षण निम्नलिखित हैं:

  • अत्याधुनिक पुलों का निर्माण: इस रूट की सबसे अहम कड़ियों में शुमार रियुंद खड्ड और बालुग्लोआ पुलों का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है।
  • अंधे मोड़ों से मुक्ति: खतरनाक और संकरे ब्लाइंड स्पॉट्स को पूरी तरह से हटाकर सड़कों को चौड़ा किया गया है ताकि भारी वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके।
  • सुरक्षात्मक दीवारें (Retaining Walls): पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की संवेदनशीलता को देखते हुए सड़कों के किनारों पर कंक्रीट की मजबूत सुरक्षा दीवारें खड़ी की गई हैं।

बारिश के कारण आई बाधा को पछाड़कर काम हुआ तेज

हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून के दौरान हुई मूसलाधार और लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों के खिसकने और मलबे के आने से इस हाईवे परियोजना के निर्माण की गति काफी हद तक प्रभावित हुई थी। जलभराव और भारी मशीनों के संचालन में आई बाधाओं के कारण कुछ समय के लिए काम को रोकना या धीमा करना पड़ा था।

लेकिन जैसे ही मानसून की विदाई का दौर शुरू हुआ और मौसम साफ हुआ, एनएचएआई ने भारी मैनपावर और आधुनिक कटर मशीनों को तैनात कर काम की रफ्तार को चौगुना कर दिया। विभाग दिन-रात शिफ्टों में काम करवा रहा है ताकि अक्टूबर की निर्धारित डेडलाइन को हर हाल में हासिल किया जा सके।

1,800 करोड़ रुपये की आई लागत, उद्घाटन के लिए पत्राचार शुरू

इस 62 किलोमीटर लंबे अत्याधुनिक फोरलेन हाईवे खंड को वैश्विक मानकों के अनुसार तैयार करने में केंद्र सरकार और एनएचएआई द्वारा कुल 1,800 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि खर्च की गई है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक (Project Director) राकेश यादव ने इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर अपडेट की पुष्टि करते हुए बताया कि कच्छियारी-हमीरपुर सेक्शन का सिविल और स्ट्रक्चरल कार्य अब पूरी तरह से अंतिम चरण में है।

विभागीय स्तर पर इस शानदार रूट के औपचारिक उद्घाटन और लोकार्पण समारोह को आयोजित करने के लिए केंद्रीय मंत्रालय और राज्य सरकार के साथ उच्च स्तरीय पत्राचार (आधिकारिक बातचीत) भी शुरू की जा चुकी है। जैसे ही सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े अंतिम तकनीकी ऑडिट पूरे होंगे, अक्टूबर के पहले पखवाड़े में इस मार्ग को पूरी तरह से ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।