Haryana Metro Update: करनाल और बावल के लिए दौड़ेगी 'नमो भारत', दिल्ली का सफर अब मिनटों में; चेक करें रूट और स्टॉपेज
दिल्ली-एनसीआर में नमो भारत ट्रेन के करनाल और बावल कॉरिडोर को PIB की मंजूरी मिल गई है। अब करनाल से दिल्ली 90 मिनट और बावल से महज 60 मिनट में पहुंच सकेंगे। 4 साल में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा।
नई दिल्ली/चंडीगढ़: दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर लगने वाले भारी जाम और घंटों के थकाऊ सफर से अब जल्द ही लाखों लोगों को मुक्ति मिलने वाली है। नमो भारत (Rapid Rail) के विस्तार को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। हरियाणा के दो महत्वपूर्ण औद्योगिक और रिहायशी हब करनाल और बावल को अब सीधे हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी पूरी हो चुकी है। आइये जानते है की अब इसको लेकर कौन सा बड़ा अपडेट सामने आया है।
PIB की मुहर, अब कैबिनेट का इंतजार
सबसे पहले तो आपको बता दें की सरकार की इस महात्वाकांक्षी परियोजना (Ambitious Project) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। अब अंतिम चरण में इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) के पास भेजा जाएगा। जैसे ही वहां से अनुमति मिलती है, टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी जिससे जमीन पर काम दिखने लगेगा।
करनाल से दिल्ली: 136 किमी का सफर सिर्फ 90 मिनट में
करनाल रूट की योजना इस तरह तैयार की गई है कि यह न केवल यात्रियों को बल्कि व्यापारियों को भी बड़ा लाभ पहुंचाएगी। 136 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 17 स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह ट्रेन मुरथल के ढाबों और कुंडली के औद्योगिक क्षेत्रों से गुजरते हुए दिल्ली पहुंचेगी। वर्तमान में बस या कार से लगने वाले 3-4 घंटों के मुकाबले अब यह दूरी महज डेढ़ घंटे में सिमट जाएगी।
बावल-गुरुग्राम-दिल्ली: विकास को मिलेगी नई गति
93 किलोमीटर लंबा दिल्ली-बावल कॉरिडोर दक्षिण हरियाणा की तकदीर बदल देगा। रेवाड़ी, धारूहेड़ा, पंचगांव, मानेसर और गुरुग्राम जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों (Industrial Hubs) से गुजरने वाली यह ट्रेन बावल से दिल्ली की दूरी मात्र 60 मिनट में तय करेगी। इसमें 13 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे यहां कार्यरत लाखों प्रोफेशनल्स को आवाजाही में आसानी होगी।
भविष्य का रोडमैप: रोहतक और पलवल भी जुड़ेंगे
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर खरे के अनुसार, यह तो बस शुरुआत है। भविष्य में नमो भारत का विस्तार दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल और दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक तक करने की भी योजना है। लक्ष्य साफ है की अगले 4 साल के भीतर एनसीआर के हर कोने को रफ्तार से जोड़ना।



