Saudi Aramco Drone Attack: ईरान का सऊदी अरब के अरामको तेल प्लांट पर बड़ा हमला, वैश्विक तेल संकट गहराया!
ईरान ने सऊदी अरब के रास तनुरा स्थित दुनिया के सबसे बड़े तेल प्लांट 'अरामको' पर ड्रोन हमला किया है। शाहेद-136 ड्रोन्स से हुए इस हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई और कामकाज रोक दिया गया है। इससे ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।
रियाद/तेहरान: मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। खबर है कि ईरान ने सऊदी अरब के रास तनुरा (Ras Tanura) स्थित अरामको (Aramco) तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। यह हमला ईरानी 'शाहेद-136' (Shahed-136) ड्रोन्स के जरिए किया गया जिसके बाद दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत तेल संयंत्र (Integrated Oil Plant) में आग लग गई।
हालांकि सऊदी अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है लेकिन एहतियात के तौर पर रिफाइनरी के ऑपरेशंस को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मामला काफी गंभीर है ओट आगे चलकर इसका एक्चुअल असर सामने आने वाला है इसमें कोई दो राय नहीं है।
जमीनी हकीकत क्या सामने आ रही है
रॉयटर्स (Reuters) और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट की अगर हम बार करे तो उनके मुताबिक सोमवार सुबह रास तनुरा रिफाइनरी में ड्रोन घुसपैठ के बाद धमाकों की आवाज सुनी गई। सूत्रों का कहना है कि हमले के तुरंत बाद प्लांट के एक हिस्से में आग (Fire Outbreak) लग गई थी।
गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत (Casualties) नहीं हुआ है और आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। यह रिफाइनरी रोजाना 5.5 लाख बैरल से ज्यादा कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता रखती है ऐसे में यहां मामूली सी रुकावट भी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Global Energy Supply) को प्रभावित कर सकती है। एनएफएल स्पाइस की टीम की तरफ से इस मामले पर नजर बनाई हुई है और आगे भी हम आपको इसकी जानकारी देते रहेंगे।
रणनीतिक महत्व क्या हो सकता है
आपको बता दें की रास तनुरा सिर्फ एक रिफाइनरी नहीं बल्कि दुनिया का सबसे अहम तेल निर्यात टर्मिनल (Export Terminal) है। यहाँ से एशिया और यूरोप के बाजारों को लाखों बैरल तेल की सप्लाई की जाती है। हाल के दिनों में इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी (Military Tension) ने खाड़ी देशों को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला केवल सऊदी अरब पर नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) की रीढ़ पर चोट करने की कोशिश है।
क्यों अहम मान जा रहा है यह हमला?
देखिये आपको बता दें की सऊदी अरामको का यह टर्मिनल बेहद उन्नत निगरानी प्रणाली (Advanced Surveillance System) से लैस है। सुरक्षित होने के बावजूद ड्रोन का वहां तक पहुंचना सुरक्षा में बड़ी चूक (Security Breach) की ओर इशारा करता है। इसमें एक और दिक्कत है की ऐसा नुकसान अधिक होता है तो इसका असर आगे चलकर देखने को मिलेगा।
दूसरी और जिस प्रकार से इस समय एक दूसरे पर हमला किया जा रहा है और टेंशन बढ़ गई है तो अगर यह तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में अचानक उछाल आ सकता है जिसका सीधा असर भारत समेत दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।

