Asaduddin Owaisi on Iran: अली खामेनेई की हत्या पर ओवैसी का बड़ा बयान, अमेरिका-इजरायल को घेरा; भारत सरकार से की ये खास अपील
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए अमेरिका-इजरायल को घेरा और भारत सरकार से खाड़ी में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
हैदराबाद: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव के बीच एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हैदराबाद के सांसद ने इस घटना को न केवल अनुचित बताया, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय कानून (International Law) की सरेआम धज्जियां उड़ाना करार दिया है। ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया की नजरें ईरान और इजरायल के बीच छिड़े इस नए संघर्ष पर टिकी हैं।
ओवैसी ने शिया समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदना (Condolences) व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमला वैश्विक शांति के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य नीतियों को निशाने पर लिया। ओवैसी ने तर्क दिया कि यह कार्रवाई उस समय की गई जब जिनेवा में कूटनीतिक संवाद (Diplomatic Dialogue) की प्रक्रिया चल रही थी।
उनके अनुसार वार्ता के बीच में इस तरह का सैन्य हस्तक्षेप शांति के सभी प्रयासों को पूरी तरह से कमजोर (Undermine) कर देता है। Breaking News
ट्रंप और नेतन्याहू की नीतियों पर प्रहार
हैदराबाद सांसद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पवित्र माह के दौरान की गई यह सैन्य कार्रवाई क्षेत्र की संवेदनशीलता को और भड़काएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्दोष नागरिकों की मृत्यु किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है और इसे 'मानवता के विरुद्ध अपराध' माना जाना चाहिए।
ओवैसी ने तत्काल युद्धविराम (Ceasefire) की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते हालात नहीं संभाले गए, तो पूरा पश्चिम एशिया अस्थिरता (Instability) की आग में झुलस सकता है। Breaking News
भारत सरकार के लिए 'इमरजेंसी' सुझाव
अपनी रिपोर्टिंग में नया एंगल जोड़ते हुए ओवैसी ने भारत सरकार से एक सक्रिय कूटनीतिक पहल (Diplomatic Initiative) करने का आग्रह किया है। उनका मुख्य सरोकार खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर है। उन्होंने रेखांकित किया कि युद्ध की इस स्थिति में भारतीय श्रमिक और यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
ओवैसी का मानना है कि बाहरी दबाव से ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) संभव नहीं है और इसका स्थायी समाधान केवल अंतरराष्ट्रीय सहमति और संवाद से ही निकल सकता है। Breaking News



