PM Modi-MBS Call: पश्चिम एशिया में महायुद्ध का खतरा, सऊदी रिफाइनरी पर हमले के बाद भारत का बड़ा बयान
पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग के बीच पीएम मोदी ने सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की है। सऊदी रिफाइनरी पर हुए हमलों ने दुनिया को चौंका दिया है। आखिर इस तनाव का भारत और पेट्रोल की कीमतों पर क्या असर होगा? पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
नई दिल्ली/रियाद: पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते युद्ध के बादलों और ईरान-इजरायल के बीच छिड़े सीधे संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से टेलीफोन पर उच्च स्तरीय वार्ता की।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब सऊदी अरब के तेल ठिकानों को ड्रोन हमलों (Drone attacks) के जरिए निशाना बनाया गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
भारत का कड़ा रुख: संप्रभुता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
पीएम मोदी ने इस बातचीत के दौरान सऊदी अरब की क्षेत्रीय अखंडता (Territorial integrity) पर हुए हालिया हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी देश की संप्रभुता (Sovereignty) का उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए पीएम ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति बेहद संवेदनशील है और क्षेत्र में शांति की जल्द बहाली (Restoration of peace) ही एकमात्र समाधान है।
तेल रिफाइनरी पर हमला और उपजा तनाव
सऊदी अरब की ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार रास तनुरा तेल रिफाइनरी (Ras Tanura oil refinery) के पास दो ड्रोनों को मार गिराया गया जिनके मलबे से रिफाइनरी को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
हालांकि किसी जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन एहतियात के तौर पर कुछ ऑपरेशनल यूनिट्स को बंद करना पड़ा। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों का सीधा संबंध ईरानी आक्रामक रुख से जोड़ा है, जिसे उन्होंने कायरतापूर्ण हमला करार दिया।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा सर्वोपरि
युद्ध की इस आहट के बीच सऊदी अरब में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा भारत के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने क्राउन प्रिंस को इन मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय प्रवासियों (Indian community) का ख्याल रखने के लिए धन्यवाद दिया।
युद्ध का नया केंद्र: ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन
यह ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की।
इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित शीर्ष नेतृत्व के मारे जाने की खबरें आईं जिसके बाद ईरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर ड्रोन व मिसाइलों की बौछार कर दी है।

