PM Modi HPV Vaccine Launch: बेटियों को मिलेगा कैंसर से सुरक्षा कवच, अजमेर से शुरू हुआ फ्री टीकाकरण अभियान
पीएम मोदी ने अजमेर से 14 साल की बच्चियों के लिए 'ह्यूमन पेपिलोमावायरस' (HPV) वैक्सीन अभियान की शुरुआत की है। अब सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बेटियों को बचाना आसान होगा। जानिए कैसे यह मुफ़्त टीका 4000 रुपये का बोझ कम करेगा और क्यों विशेषज्ञों ने इसे 100% तक प्रभावी बताया है। क्या आपकी बेटी सुरक्षित है? पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
अजमेर/नई दिल्ली: भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य (Women's Healthcare) की दिशा में रविवार को एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से 14 साल की किशोरियों के लिए 'ह्यूमन पेपिलोमावायरस' (Human Papillomavirus - HPV) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की।
यह केवल एक मेडिकल कैंप नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को जानलेवा सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) से बचाने का एक महा-संकल्प है।
मैदान में उतरीं भविष्य की रक्षक: 'डर नहीं, अब सुरक्षा है'
अभियान की शुरुआत के दौरान अजमेर की स्कूली छात्राओं ने प्रधानमंत्री की मौजूदगी में वैक्सीन लगवाई। पहली लाभार्थी पूर्वी अग्रवाल ने बेहद आत्मविश्वास के साथ कहा,
"टीका लगवाने के बाद मैं खुद को बहुत सुरक्षित (Safe) महसूस कर रही हूं। हम जानते हैं कि सर्वाइकल कैंसर हर साल हज़ारों महिलाओं की जान लेता है। यह वैक्सीन हमें उस खतरे से बचाएगी।"
पूर्वी ने आर्थिक पहलू पर भी बात की और बताया कि बाज़ार में लगभग 4,000 रुपये में मिलने वाली यह वैक्सीन अब सरकार की ओर से मुफ़्त (Free of Cost) दी जा रही है, जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
पीएम का 'अभिभावक' अवतार: छात्राओं से की आत्मीय चर्चा
टीकाकरण के बाद चंचल मेघवंशी जैसी छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान थी। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा,
"मुझे कोई दर्द नहीं हुआ। प्रधानमंत्री जी ने जब हमसे बात की, तो लगा ही नहीं कि हम देश के सबसे बड़े नेता से मिल रहे हैं। उन्होंने मेरी पढ़ाई, परिवार और परीक्षाओं (Exams) के बारे में ऐसे पूछा जैसे कोई घर का बुजुर्ग पूछ रहा हो।"
क्यों जरूरी है यह अभियान?
सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) और भारत के 'नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन' (National Technical Advisory Group on Immunization - NTAGI) ने भी इस टीके को पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी माना है।
आंकड़ों के अनुसार यह वैक्सीन 93% से 100% तक प्रभावी है। अब तक दुनिया के 160 देशों ने इसे अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है, और भारत अब इस सूची में मजबूती से खड़ा है।

